तुम चीज़ें साफ़-साफ़ खत्म करते हो। दुख होता है, पर कम से कम सबको पता तो होता है कहाँ खड़े हैं।
तुम्हारा मानना है कि खत्म होना सच में खत्म होना चाहिए। कोई धीरे-धीरे फीका पड़ना नहीं, कोई ऐसा text नहीं कि 'बस अभी थोड़ी space चाहिए', सामने वाले को comfortable रखने के लिए लटके रहने का कोई नाटक नहीं। जब तुम्हारे लिए बात खत्म, तो खत्म — और तुम कह देते हो। लोग सोचते हैं उससे कहीं ज़्यादा हिम्मत लगती है इसमें। Clean cut उस पल चुभता है पर अंदर सड़ता नहीं। तुम शायद खुद कभी किसी ऐसे ending के दूसरी तरफ़ रहे हो जहाँ कुछ साफ़ नहीं था, और वहीं सीख गए कि किसी के साथ ऐसा कभी नहीं करना। आँख देखती है किसी ऐसे को जो लोगों की इतनी इज़्ज़त करता है कि आसान रास्ता सामने होने पर भी सच बोल देता है।
अपनी रीड पाओ — iPhone पर मुफ़्ततुम सीधे इसलिए कहते हो क्योंकि खुद उस अधूरेपन को झेल चुके हो — और अच्छे से जानते हो कि वो इंसान के साथ क्या करता है।