तुम मुसीबतें रोकते नहीं। मौजूदा वाली बुझाने में ही इतने busy रहते हो।
तुम जलती हुई इमारत से भागते नहीं — तुम एक plan के साथ उसी की तरफ़ दौड़ते हो। तुम वो इंसान हो जो किसी शांत मंगलवार को बिल्कुल बेकार हो, पर जैसे ही सब उल्टा-पुल्टा होता है, तुम कुदरत की पूरी ताकत बन जाते हो। Deadline खिसक रही है? Budget कट गया? Launch से एक दिन पहले कोई नौकरी छोड़ गया? बढ़िया। अब तुम काम कर सकते हो। दिक्कत ये है कि तुम crisis mode में इतने अच्छे हो कि तुमने चुपके से उसमें मज़ा लेना शुरू कर दिया है। शायद उसे खुद खड़ा करना भी। The Eye देखता है कि तुम्हारी सबसे बड़ी ताकत ही वो चीज़ है जो तुम्हें कुछ ऐसा बनाने से रोकती है जिसे आख़िर में तुम्हारे बचाने की ज़रूरत ही न पड़े।
अपनी रीड पाओ — iPhone पर मुफ़्तजब सब कुछ आग में हो, तब तुम खिलते हो। सवाल बस ये है कि कहीं माचिस भी तो तुम्हारे ही हाथ में नहीं?