आप दुनिया को वैसा देखते हो जैसा उसे होना चाहिए — और वहाँ पहुँचे बिना रुकोगे नहीं।
आपका moral compass कभी बंद नहीं होता। हर खामी, हर shortcut, हर 'काफी अच्छा' दिख जाता है — और शरीर तक परेशान हो जाता है। लोग perfectionist कहते हैं जैसे गाली हो। लेकिन सच पता है: किसी को तो standards रखने होंगे। Inner critic किसी और की आवाज़ से ज़्यादा तेज़ है। खुद पर असंभव rules लगाते हो, फिर सोचते हो थक क्यों रहे हो। दुनिया को आपकी integrity चाहिए। लेकिन ये सीखना ज़रूरी है: अधूरा मतलब टूटा नहीं।
अपनी रीड पाओ — iPhone पर मुफ़्त'चाहिए' छोड़ो। हर चीज़ ठीक करनी ज़रूरी नहीं — खासकर खुद को।
सबको असंभव standards पर रखते हो। लेकिन रात 3 बजे अपने लिए जो bar सेट करते हो, उससे ऊँचा किसी का नहीं।
कोई भी रीड दोस्त, पार्टनर या सहकर्मी के साथ करें। नतीजों, सबसे बड़ी समानताओं और अंतर की तुलना करें, फिर AI संगतता विश्लेषण पाएं।