सही नहीं है तो हुआ ही नहीं।
Quality तुम्हारा धर्म है। 'चलो ठीक है' नहीं चलता — सही करोगे, वरना करोगे ही नहीं। पेज 47 का typo दिख जाता है। Data source पर सवाल उठता है। Math दो बार check होता है। लोग perfectionist कहते हैं जैसे गाली हो। है नहीं। दुनिया तुम जैसे लोगों पर चलती है जो वो पकड़ते हैं जो बाकी सब miss कर जाते हैं। लेकिन standards इतने ऊँचे हैं कि कभी-कभी खुद को crush कर देते हो। हर चीज़ perfect होने की ज़रूरत नहीं। कुछ चीज़ें बस हो जानी चाहिए।
अपनी रीड पाओ — iPhone पर मुफ़्तWithdrawn, बहुत ज़्यादा critical, pessimistic हो जाना
I-types (Influence) — वो तुम्हारी precision में warmth और speed जोड़ते हैं
कुछ चीज़ 11 बार redo कर चुके हो क्योंकि version 10 में एक flaw था जो सिर्फ़ तुम्हें दिखता था। और explain नहीं हो पाता कि ये पागलपन क्यों नहीं है।
कोई भी रीड दोस्त, पार्टनर या सहकर्मी के साथ करें। नतीजों, सबसे बड़ी समानताओं और अंतर की तुलना करें, फिर AI संगतता विश्लेषण पाएं।