आँख देख रही है। तुम बहुत समय से बस ज़ोर लगाकर खुद को घसीटते चल रहे हो।
तुम Running on Empty band में निकले — और आँख तुम्हारे साथ खरी बात करेगी। तुम काफ़ी वक्त से घाटे में चल रहे हो। एक हफ़्ता नहीं, कोई एक बुरा दौर नहीं। काफ़ी लंबे समय से। जो चीज़ें कभी तुम्हें अज़ीज़ थीं, अब बेरंग लगती हैं। दूसरों के लिए जो करते हो, वो बस मशीनी हो गया है। तुम 'सब ठीक है' का नाटक करने में माहिर हो गए हो। शायद इतने माहिर कि खुद को भी यकीन दिला बैठे। तुम टूटे नहीं हो। तुम खाली हो चुके हो — और ये बिल्कुल अलग बात है, और इसका एक रुख नीचे के अलावा भी होता है। Running on Empty तब होता है जब तुम इतने लंबे समय से हर किसी को और हर चीज़ को खुद से आगे रखते रहे कि अपना मीटर देखना ही भूल गए। आँख इस बात का फ़ैसला नहीं सुनाती कि तुम यहाँ तक कैसे पहुँचे। वो बस चाहती है कि तुम जानो — उसे दिख रहा है तुम कहाँ खड़े हो।
अपनी रीड पाओ — iPhone पर मुफ़्ततुम संभालते आ रहे हो। बाहर से ये ताक़त जैसा दिखता है। पर अंदर से तुम जानते हो — जितना तुम ज़बान पर लाओगे, उससे कहीं ज़्यादा वक्त से तुम बस खुद को ज़ोर लगाकर घसीट रहे हो।